पिता के बार-बार मना करने के बाद भी बेटा बन गया क्रिकेटर, अब टीम इंडिया मे मचा रहा है धूम

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अक्सर समाज में ऐसा सुनने को मिलता है कि अपने बड़ों की बातें हमेशा माननी चाहिए, और अपने मां-बाप की बातों को मानना हमारा कर्तव्य है इस बात से शायद कोई अनजान नहीं है। लेकिन आज हम एक ऐसे भारतीय क्रिकेटर के बारे में बात करेंगे जिसके पिता उसे क्रिकेट खेलने से मना करते रह गए और वह क्रिकेटर बन गया और आज और टीम इंडिया का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रहा है।

पिता बार-बार करते थे मना

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हम बात कर रहे हैं भारतीय क्रिकेट टीम के लिए शार्ट फॉर्मेट का एक तेज गेंदबाज के तौर पर प्रतिनिधित्व करने वाले युवा तेज गेंदबाज खलील अहमद के बारे में जिनके क्रिकेट जीवन की कहानी थोड़ी अलग है।खलील अहमद टीम इंडिया में डेब्यू के बाद जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी कहानी बता रहे थे उस दौरान उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि उनके पिताजी (खुर्शीद अहमद) उन्हें हमेशा क्रिकेट खेलने के लिए मना करते थे। खलील अहमद ने बताया कि जब मैंने जिद पकड़ ली उस दौरान पिताजी ने खलील अहमद को एक एकेडमी में भर्ती करा दिया।

बेटे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किया डेब्यू

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खलील अहमद एकेडमी में भर्ती होने के बाद अपने परिवार पर ज्यादा आर्थिक दबाव नहीं देना चाहते थे जिसकी वजह से उन्होंने बल्लेबाजी ना चुनकर गेंदबाजी करना पसंद किया। खलील अहमद एकेडमी में लगातार कोशिश करते हुए घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया, और टीम इंडिया तक पहुंचे। इसके बाद जब उनके पिता जी खुर्शीद अहमद से खलील अहमद बारे में जिक्र किया गया तो, उनके पिताजी ने बस इतना सा कहा कि हर पिता का एक सपना होता है कि वह अपने बेटे के नाम से जाना जाए और मेरे लिए इससे बड़े सौभाग्य की बात कोई और नहीं है।